18/08/2026

Dhanbad Times

बांसजोड़ा 12 नंबर में मौत की धरती: धंसती ज़मीन, झुलसती ज़िंदगी और स्कूल में जोखिम

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धनबाद: सिजुआ क्षेत्र के बांसजोड़ा कोलियरी का 12 नंबर मोहल्ला इन दिनों एक भयावह आपदा के बीच जी रहा है। बीते चार वर्षों में यह इलाका लगातार भूधंसान की चपेट में आता गया है। अब तक कई घर खंडहर में तब्दील हो चुका हैं।पीसीसी सड़क पर दरारें पड़ गई हैं और ज़मीन जगह-जगह धंस रही है। साथ ही जहरीली गैस और धुएं ने हवा को ऐसा विषैला बना दिया है कि पेड़-पौधे झुलस चुके हैं और इंसानी जीवन खतरे में है।

गैस और धुएं से बने हालात असहनीय, लेकिन लोग रहने को मजबूर
स्थानीय निवासी संतोष भुइंया के आंगन में आज भी वह गोफ सक्रिय है, जो गैस उगल रहा है। बच्चों की ज़िंदगी इस ज़हरीले माहौल के बीच बीत रही है—उनके लिए यही जीवन अब ‘सामान्य’ बन चुका है।

स्कूल पर खतरा, 64 बच्चों की जान जोखिम में
पहले जहां तीन स्कूल संचालित होते थे, उनमें से दो अब बंद हो चुके हैं। लेकिन एक स्कूल आज भी इसी डेंजर ज़ोन में चल रहा है, जहां 64 बच्चे प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे हैं। हेडमास्टर बताते हैं कि बीसीसीएल ने 2014 में यह भवन उपलब्ध कराया था, लेकिन अब यहां की स्थिति और भयावह हो चुकी है। सबको बीसीसीएल के अगले निर्देश का इंतज़ार है।

डेंजर ज़ोन में अब भी रह रहे हैं 40 परिवार
बांसजोड़ा 12 नंबर को प्रशासन द्वारा अति संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है, फिर भी 40 से अधिक परिवार इसी इलाके में रह रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द पुनर्वास नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
अति संवेदनशील परिवारों की सूची में शामिल हैं – संतोष भूईंया, शशि भूईंया, शंभू भूईंया, कालका भूईंया, गुड्डू पासवान, आरती देवी, कपूरिया देवी, बैजनाथ सिंह, ललन पासवान, बिनोद पासवान, देवनाथ राम, मनोज यादव, महिपत रजक, रघु ठाकुर, बबीता देवी, रोशन भूईंया, रवि भूईंया, सुरेन्द्र भूईंया, बैजनाथ राम सहित अन्य।
प्रशासन से अपील
स्थानीय प्रशासन और बीसीसीएल से मांग है कि तत्काल पुनर्वास की व्यवस्था की जाए और स्कूल समेत सभी नागरिक सुविधाओं को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

 

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