17/08/2026

Dhanbad Times

अपराध का अंत सलाखों के पीछे: साधु के वेश में चोरी करने वाले 3 शातिर आरोपी गिरफ्तार, मंगलसूत्र बरामद

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धनबाद। धनबाद के बरोरा थाना क्षेत्र में घटी एक घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि भक्ति और आस्था के नाम पर आंखें मूंदकर किसी पर भी भरोसा करना भारी पड़ सकता है। बरोरा पुलिस ने साधु का वेष धरकर चोरी करने वाले तीन शातिर बहुरुपियों को घटना के महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर यह भी साबित कर दिया है कि अपराध का रास्ता चाहे कितना भी चालाकी भरा क्यों न हो, उसका अंत सलाखों के पीछे ही होता है।

साधु के वेष में ठगी: क्या है पूरा मामला?

28 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 10 बजे हरिना कॉलोनी  निवासी संजीव प्रसाद के घर भगवा वस्त्र पहने दो व्यक्ति पहुंचे। दक्षिणा मांगने के बहाने उन्होंने गृहस्वामी को अपनी मीठी-मीठी बातों के जाल में उलझाया। जैसे ही गृहस्वामनी का ध्यान भटका, आरोपियों ने घर में रखा करीब 3 ग्राम सोने का लॉकेट (मंगलसूत्र) चुरा लिया और रफूचक्कर हो गए। पीड़ित द्वारा बरोरा थाना में प्राथमिकी (कांड संख्या 40/2026, धारा 303(2) बीएनएस) दर्ज कराने के बाद पुलिस एक्शन में आई।

पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के आदेश और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (बाघमारा) के निर्देशन में एक विशेष छापेमारी टीम बनाई गई। कतरास अंचल निरीक्षक मो. रुस्तम और बरोरा थाना प्रभारी अभय कुमार के नेतृत्व में उप-निरीक्षक मनोज कुमार, सहायक उप-निरीक्षक लालचन्द राम और हवलदार शिवचन्द्र यादव की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हरिना क्षेत्र से तीन संदिग्धों को पकड़ा। कड़ाई से पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और उनकी निशानदेही पर चोरी गया सोने का लॉकेट बरामद कर लिया गया।

बिहार से आकर रचते थे ठगी का जाल

पकड़े गए तीनों आरोपी बिहार के रोहतास जिले के आमझौर थाना क्षेत्र (ग्राम रकियान बिगहा) के रहने वाले हैं:

सत्येन्द्र लाठौर (44 वर्ष) सुमन कुमार (23 वर्ष) इंदल लाठौर (46 वर्ष) तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

इस घटना से समाज के लिए मुख्य सबक

अपरिचितों पर अंधविश्वास न करें: साधु, फकीर या किसी भी धर्म-कर्म के नाम पर घर के दरवाजे पर आने वाले अनजान व्यक्तियों को सीधे घर के भीतर न आने दें।

बातों में उलझने से बचें: ठग अक्सर मीठी बातों या दक्षिणा/आशीर्वाद के बहाने ध्यान भटकाते हैं। ऐसे समय में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

त्वरित सूचना ही सबसे बड़ा हथियार: घटना होते ही पुलिस को तुरंत सूचित करने से अपराधियों का बचना नामुमकिन हो जाता है, जैसा कि इस मामले में 12 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी से साबित हुआ।

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