18/08/2026

Dhanbad Times

अटूट आस्था का आकाश: महुदा में 30 फीट ऊपर झूलकर शिव भक्तों ने दी कठिन परीक्षा

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धनबाद (महुदा): आस्था जब चरम पर होती है, तो शरीर का कष्ट भक्ति के आगे गौण हो जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य धनबाद के महुदा स्थित सिंगड़ा बस्ती में शुक्रवार को देखने को मिला, जहाँ तीन दिवसीय चड़क पूजा का समापन अटूट श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस महापर्व के अंतिम दिन शिव भक्तों ने अपनी साधना की पराकाष्ठा का परिचय दिया। कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुई, जहाँ पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक मंगलकामना की गई।
इसके पश्चात परंपरा का निर्वहन करते हुए भोक्ताओं ने अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों में नुकीले तार छेदवाए और करीब 30 फीट ऊंचे लकड़ी के खंभे के सहारे हवा में झूलते हुए परिक्रमा की। हवा में लहराते इन भक्तों की हिम्मत और महादेव के प्रति समर्पण को देख हर कोई मंत्रमुग्ध था। इस दौरान जमीन पर खड़ी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और परिवार की खुशहाली के लिए विशेष मन्नतें मांगती दिखीं। भक्तों का मानना है कि इस कठिन तपस्या के जरिए स्वयं को कष्ट देकर महादेव की आराधना करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और जीवन के समस्त दुखों का अंत कर देते हैं।
इस धार्मिक आयोजन में बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो ने भी शिरकत की और भक्तों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना। इस मौके पर उन्होंने कहा कि चड़क पूजा हमारी समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे बचाए रखना हम सभी का नैतिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपनी जड़ों और संस्कृति से निरंतर जुड़े रहने की अपील की। चार दिनों तक चलने वाले इस भोक्ता पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक विरासत की जड़ें बहुत गहरी हैं।

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