15/01/2026

Dhanbad Times

लालिमा में माँ की विदाई: हरिणा कालोनी मैदान, कतरास राजबाड़ी प्रांगण, रामपुर, बाघमारा समेत कई इलाकों में उमड़ा भावनाओं का सैलाब

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धनबाद (बाघमारा) आस्था व अटुट विश्वास का त्योहार दुर्गोत्सव के अंतिम चरण में शुक्रवार को हरिणा कालोनी मैदान, कतरास राजबाड़ी, रामपुर और बाघमारा सहित कई स्थानों पर पूजा स्थलों पर महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर माँ दुर्गा को भावभीनी विदाई दी। सिंदूर खेला के इस पारंपरिक अनुष्ठान में शक्ति, सौभाग्य और स्नेह का आदान-प्रदान हुआ वहीं माँ की विदाई के क्षणों में श्रद्धा और संवेदना की गहराई स्पष्ट दिखाई दी। गुरुवार की रात से विदाई की शुरुआत ने माहौल कोर्ट भावुक बना दिया। ढाक से निकलते आवाज और जयकारे की गूंज लोगों में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।

सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक उत्सव 
सिंदूर खेला में शामिल महिलाओं ने इसे केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक मिलन का अवसर बताया। उन्होंने माँ दुर्गा से अपने परिवार की सुख-शांति और समाज की समृद्धि की कामना की। बच्चों और युवाओं ने मेले में झूले, खाद्य स्टॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया।

स्थानीयता की जीवंत झलक कतरास राजबाड़ी, बंगाल पाड़ा, डॉक्टर पाड़ा, हरिणा कालोनी मैदान, बरोरा, मुराईडीह आदि जगहों में पारंपरिक शैली की पूजा ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।  रामपुर में ग्रामीण महिलाओं ने लोकगीतों के साथ माँ को विदाई दी, जिससे माहौल भावनात्मक हो उठा। सिंदूर खेला के बाद सामूहिक प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में दुर्गोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धा, रंग और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ की विदाई के साथ ही लोगों ने अगले वर्ष फिर से इसी श्रद्धा और उल्लास के साथ पुनः आगमन की कामना की।

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