17/08/2026

Dhanbad Times

डीएवी कतरासगढ़;  आरोप प्रत्यारोप से आंतरिक कलह हुआ सार्वजनिक

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कतरास। डी ए वी +2 उच्च विद्यालय कतरासगढ़ में प्रबंधन और विवादों को लेकर दो पक्षके बीच खींचतान तेज हो गई है। गुरुवार को प्रेस वार्ता और विज्ञप्ति के माध्यम से दोनों पक्षों ने एक- दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे विद्यालय का आंतरिक कलह अब सार्वजनिक हो गया है। विद्यालय के प्रधान हरिप्रसाद अग्रवाल और सचिव मनोज खेमका ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर लिपिक राजेश कुमार रविदास द्वारा लगाए गए मारपीट और छिनतई के आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया। सचिव मनोज खेमका ने पलटवार करते हुए कहा कि राजेश कुमार रविदास पर पूर्व में भी वित्तीय गबन और गड़बड़ी के आरोपी रहे हैं, जिसके कारण उन्हें काउंटर से हटाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व प्राचार्य अरविंद कुमार झा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इस दौरान प्रकाश राम गुप्ता, कुंदन सिंह और पंकज गुप्ता समेत कई अन्य लोग मौजूद थे। दूसरी ओर, विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब डॉ. मृणाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रधानाध्यापक कक्ष का ताला खोले जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। डॉ. मृणाल ने सवाल उठाया कि जब प्रभारी प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार झा अवकाश पर हैं, तो किसके आदेश से और किन लोगों ने उनके कक्ष का ताला खोला? उन्होंने आशंका जताई कि कक्ष में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में कतरास थाना प्रभारी ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया था कि ताला खोलने के लिए डीईओ या एसडीओ का आदेश अनिवार्य है। डॉ. मृणाल ने 11 मई की घटना के बाद प्रेस वार्ता आयोजित करने की अनुमति पर भी सवाल खड़े किए। वहीं, आर्य समाज की वैधता को लेकर उन्होंने कहा कि वर्तमान में सभी समितियां झारखंड राज्य आर्य प्रतिनिधि सभा, रांची द्वारा गठित हैं और यह मामला अभी माननीय झारखंड उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तविक प्रबंधन किसका है। फिलहाल, दोनों गुटों के बीच जारी इस तनातनी से विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

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